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asthma ki ayurvedic dawa | अस्थमा की आयुर्वेदिक दवा

asthma ki ayurvedic dawa


एक चम्मच हल्दी को दो चम्मच शहद में मिलाकर चाट लें दमा का दौरा तुरंत काबू में आ जाएगा।

तुलसी के पत्तों को पानी में पीसकर इसमें दो चम्मच शहद मिलाकर सेवन करने से दमा रोग में शीघ्र लाभ मिलता है।

दमे मे खाँसी होने पर पहाडी नमक सरसों के तेल मे मिलाकर छाती पर मालिश करने से तुरंत आराम मिलता है।

एक चम्मच हल्दी एक गिलास गर्म दूध में मिलाकर पीने से दमा काबू में रहता है। हल्दी के एंटीऑक्सीडेंट गुण के कारण एलर्जी भी नियंत्रण में रहती है।

2-3 सूखे अंजीर को पीसकर रात भर पानी मे भिगोकर सुबह खाली पेट खाएं। इससे श्वास नली में जमा बलगम ढीला होकर बाहर निकलता है, स्थाई रूप से आराम प्राप्त होता है।

आंवला दमा रोग में बहुत लाभदायक है। एक चम्मच आंवले के रस मे दो चम्मच शहद मिलाकर पीने से फेफड़े ताकतवर बनते हैं।

100 ग्राम दूध में लहसुन की पांच कलियां धीमी आँच पर उबाकर इनका हर रोज दिन में दो बार सेवन करने से दमे में काफी फायदा मिलता है।

तुलसी के 10-15 पत्ते पानी से साफकर लें फिर उन पर काली मिर्च का पावडर बुरककर खाने से दमा में आराम मिलता है।

 एक पके केले में चाकू से लंबाई में चीरा लगाकर उसमें एक चौथाई छोटा चम्मच महीन पिसी काली मिर्च भर दें। फिर उसे 2-3 घंटे बाद हल्की आँच में छिलके सहित भून लें। ठंडा होने पर केले का छिलका निकालकर केला खा लें। एक माह में ही दमें में खूब लाभ होगा।

लहसुन की दो पिसी कलियां और अदरक की गरम चाय पीने से भी अस्थमा नियंत्रित रहता है। इस चाय का सुबह-शाम करना चाहिए।

4-5 लौंग को 150 ग्राम पानी में 5 मिनट तक उबालें। इस मिश्रण को छानकर इसमें एक चम्मच शुद्ध शहद मिलाकर गरम-गरम पी लें। रोज दो से तीन बार यह काढ़ा पीने से निश्चित रूप से लाभ मिलता है।

250 ग्राम पानी में मुट्ठी भर सहजन की पत्तियां मिलाकर उसे 5 मिनट तक उबालें। फिर ठंडा होने पर उसमें चुटकी भर नमक, काली मिर्च और नीबू रस मिलाएं, इस सूप का रोज सेवन करें लाभ मिलेगा।

एक चम्मच मेथीदाने को एक कप पानी में उबालें। ठंडा होने पर उसमें अदरक का एक चम्मच ताजा रस और स्वादानुसार शहद मिलाएं। सुबह-शाम नियमित रूप से इसका सेवन करने से निश्चित ही बहुत लाभ मिलता है।

तुलसी के पत्तों को अच्छी तरह से साफकर उनमें पिसी काली मिर्च डालकर खाने के साथ देने से दमा नियंत्रण में रहता है।

गर्म पानी में अजवाइन डालकर स्टीम लेने से भी दमे को नियंत्रित करने में राहत मिलती है।

अस्थमा का दौरा पड़ने पर गर्म पानी में तुलसी के 5 से 10 पत्ते मिलाएं और सेवन करें। इससे सांस लेने में आसानी होती है। इसी प्रकार तुलसी का रस, अदरक रस और शहद का समान मिश्रण प्रतिदिन एक चम्मच के हिसाब से लेना अस्थमा में आराम मिलता है।

अस्थमा और ब्रोंकाइटिस को नियंत्रित करने में तुलसी औरकरेले का रस भी काफी मददकरता है। तुलसी कीकरीब 15 पत्तियों को लेकर एक सामान्य आकार के करेले के साथ कुचल लें और इसे अस्थमा से पीड़ित व्यक्ति को प्रतिदिन रात में सोने से पहले दें, शीघ्र ही फायदा होगा।

मेथी की पत्तियों का ताजा रस, अदरक और शहद को धीमी आंच पर कुछ देर गर्मकरके रोगी को पिलाने से अस्थमा रोग में काफी आराम मिलता है।

एक गिलास पानी में एक चम्मच लहसुन का रस मिलाएं और इसे 3 महीने तक दिन में दो बार प्रत्येक दिन लगातार दें तो अस्थमा और रक्त से जुड़े विकारों में काफी राहत मिलती है।

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