Subscribe Us

header ads

Chasme ka number kaise kam kare | चष्मे का नंबर कैसे कम करे

Chasme ka number kaise kam kare

आंखों के रोग जैसे पानी गिरना, आंखें आना, आंखों की दुर्बलता आदि होने पर रात को आठ बादाम भिगोकर सुबह पीसकर पानी में मिलाकर पी जाएं। इस नुस्खे को नियमित रूप से करने पर चश्मे का नंबर कम हो जाता है।

गाय के घी की कनपटी पर हल्के हाथ से रोजाना कुछ देर मालिश करने से आंखों की रोशनी बढ़ती है।

सोया मिल्क में वसा कम और प्रोटीन अधिक होता है। इसमें फैटी एसिड, विटामिन ई पाया जाता है, जो आंखों को स्वस्थ रखने में मददकरता है।

आंवले के पानी से आंखें धोने से या गुलाबजल डालने से आंखें स्वस्थ रहती बादाम की गिरी, बड़ी सौंफ व मिश्री तीनों को समान मात्रा में मिला लें।

इस मिश्रण को पीसकर पाउडर बना लें। रोज इस पाउडर की एक चम्मच एक गिलास दूध के साथ रात को सोते समय लें।

बेलपत्र का 20 से 50 मिली. रस पीने और 3 से 5 बूंद आंखों में काजल की तरह लगाने से रतौंधी रोग में आराम मिलता है।

पैरों के तलवों पर सरसों के तेल की मालिशकरके सोएं। सुबह के समय नंगे पैर हरी घास पर चलें व नियमित रूप से अनुलोम-विलोम प्राणायाम करें, आंखों की कमजोरी दूर हो जाएगी।

एक चने बराबर फिटकरी को सेंककर सौ ग्राम गुलाबजल में डालें और रोजाना रात को सोते समय इस गुलाबजल की चार-पांच बूंद आंखों में डालें।

साथ ही, पैर के तलवों पर घी की मालिश करें। इससे चश्मे का नंबर कम हो जाता है।

रोजाना ग्रीन टी पीने से शरीर को पर्याप्त मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट प्राप्त होते हैं, जिससे आंखें स्वस्थ रहती हैं।

दूध व अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन अधिक मात्रा मेंकरना चाहिए। इनके सेवन से आंखों को सही मात्रा में पोषक तत्त्व प्राप्त होते हैं।

सूरजमुखी के बीजों का सेवन भी आंखों के लिए फायदेमंद होता है। इसके बीजों में विटामिन सी, विटामिन ई, बीटा केरोटीन व एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, इसीलिए इसके सेवन से आंखों की कमजोरी दूर होती है।

रात को सोने से पहले अरंडी का तेल या शहद डालने से आंखों की चमक बढ़ती है।

नीबू व गुलाबजल को समान मात्रा में मिलाकर एक-एक घंटे के अंतर से आंखों में डालने से आंखों को ठंडक मिलती है।

केला और गन्ना खाना आंखों के लिए हितकारी है। रोजाना नीबू पानी पीने से भी आंखों की रोशनी बढ़ती है।

गुलाबजल का फाहा आंखों पर एक घंटा बांधने से गर्मी से होनेवाली परेशानी में तुरंत आराम मिल जाता है।

श्यामा तुलसी के पत्तों का दो-दो बूंद रस 14 दिन तक आंखों में डालने से रतौंधी रोग में लाभ होता है। इस प्रयोग से आंखों का पीलापन भी मिटता है।

हल्दी की गांठ को तुअर की दाल में उबालकर, छाया में सूखा लें। इस गांठ को पानी में घिसकर सूर्यास्त से पूर्व दिन में दो बार आंख में काजल की तरह लगाने से आंखों की लालिमा दूर होती है व आंखें स्वस्थ रहती हैं।

1 से 2 ग्राम मिश्री और जीरे को 2 से 5 ग्राम गाय के घी के साथ खाने से व लेंडीपीपर को छाछ में घिसकर आंखों में लगाने से रतौंधी में फायदा होता है।

ठंडी ककड़ी या कच्चे आलू की स्लाइस काटकर दस मिनट तक आंखों पर रखें। पानी अधिक पिएं। पानी की कमी से आंखों में सूजन दिखाई देती हैं। सोने से 3 घंटे पहले भोजन करना चाहिए। ऐसा करने से आंखे स्वस्थ रहती हैं।

आंखों पर चोट लगी हो, मिर्च मसाला गिरा हो, कोई कीड़ा गिर गया हो, आंख लाल हो, तो दूध गर्मकरके उसमें रूई का फाहा डालकर ठंडाकरके आंखों पर लगाएं आराम मिलेगा।

हरी सब्जियां और सलाद को भोजन में अधिक से अधिक शामिल करें। इनमें पाए जानेवाले एंटीऑक्सीडेंट आंखों को स्वस्थ रखते हैं।

मेवे भोजन में शामिल करने से शरीर को सही मात्रा में ऊर्जा मिलती है। साथ ही, ऐसे पोषक तत्त्व भी प्राप्त होते हैं, जो आंखों को स्वस्थ बनाते हैं।

Source code : amazon kindle

टिप्पणी पोस्ट करें

0 टिप्पणियां