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Dant me dard ayurvedic upay | दांत में दर्द आयुर्वेदिक उपाय

Dant me dard ayurvedic upay

नमक के पानी के कुल्ले करने एवं कत्थे अथवा हल्दी का चूर्ण लगाने से गिरे हुए दाँत का रक्तस्राव जल्दी ही बंद हो जाता है।

लहसुन में एलीसिन होता है जो दांत के पास के बैकटीरिया, जर्स, जीवाणु इत्यादि को नष्टकर देता है, इसलिए एक फांक लहसुन को सेंधा नमक के साथ पीसकर यदि दांतों में दर्द की जगह पर लगाएंगे तो दर्द में आराम मिलेगा।

दाँत-दाढ़ दर्द में अदरक का टुकड़ा कुचलकर दर्दवाले दाँत में रखकर मुँह बंदकर लें और धीरे-धीरे रस चूसते रहें। फौरन राहत महसूस होगी।

नीम के पत्तों की राख में कोयले का चूरा तथा कपूर मिलाकर रोज रात को सोने से पहले लगाकर पायरिया में लाभ होता है।

सरसों के तेल में सेंधा नमक मिलाकर दाँतों पर लगाने से दाँतों से निकलती दुर्गंध एवं रक्त बंद होकर दाँत मजबूत होते हैं तथा पायरिया भी जड़ से खत्म हो जाता है।

फिटकरी को तवे या लोहे की कड़ाही में पानी के साथ आग पर रखें। जब पानी जल जाए और फिटकरी फूल जाए तो तवे को आग पर से उतारकर फिटकरी को पीसकर बारीक चूर्ण बना लें। जितना फिटकरी का पावडर बने उसका चौथाई भाग पिसी हल्दी मिलाकर लकड़ी की सींख की नोक से दाँत के दर्दवाले स्थान पर या सुराख के भीतर यह मिश्रण भर दें। यह बहुत ही लाभकारी प्रयोग है।

पिसी हल्दी, नमक व सरसों का तेल मिलाकर पेस्ट सा बनाकर उसे डिब्वे में रख लें। सुबह इस पेस्ट को ब्रश अथवा उंगली द्वारा दाँतों व मसूड़ों पर लगा लें थोड़ी देर लगाकर रखे फिर बाद में कुल्लाकर लें इस प्रयोग से हिलते हुए दाँत जम जाते हैं, दाँतो से पीलापन दूर होकर दाँत बिलकुल सफेद हो जाते हैं।

यह प्रयोग करते रहने से कभी भी पायरिया नही होगा।

नीबू के छिलकों पर थोड़ा सा सरसों का तेल डालकर दाँत एवं मसूढ़ों पर लगाने से दाँत सफेद एवं चमकदार होते हैं, मसूढ़े मजबूत होते हैं, हर प्रकार के जीवाणुओं तथा पायरिया आदि रोगों से बचाव होता है।

अमरूद के पत्तों को अच्छी तरह चबाकर उसका रस मुँह में फैलाकर, थोड़ी देर तक रखकर थूक देने से अथवा अमरूद की छाल को पानी में उबालकर उसके कुल्ले करने से हर तरह के दाँत के दर्द में लाभ होता है।

हींग दांत में दर्द से तुरंत मुक्ति दिलाता है। हींग को मौसमी के रस में डुबोकर दांतों में दर्द की जगह पर रखें, मौसमी न होने पर हींग में नीबू भी मिलाया जा सकता है। इससे शीघ्र ही दर्द से छुटकारा मिल जायेगा।

तिल के तेल में पिसा हुआ नमक मिलाकर उँगली से दाँतों को रोज घिसने से दाँत की पीड़ा दूर होती है।

दांतों के दर्द में लौंग दांतों के सभी बैक्टीरिया को नष्ट कर सकता हैं। ऐसे में लौंग को दांतों के दर्द की जगह पर रखना चाहिए, कुछ ही देर में दर्द जाता रहेगा।

लेकिन चूंकि इसमें दर्द कम होने की प्रक्रिया थोड़ी धीमी होती है इसलिए इसमें धैर्य रखना चाहिए।

जामुन के वृक्ष की छाल के काढ़े के कुल्ले करने से दाँतों के मसूढ़ों की सूजन मिटती है व हिलते दाँत भी मजबूत होते हैं।

दांत में दर्द है तो प्याज के टुकड़े को दांत के पास रखें अथवा प्याज चबाएं। आराम महसूस होने लगेगा।

10 ग्राम बायविडंग और 10 ग्राम सफेद फिटकरी थोड़ी कूटकर तीन किलो पानी में उबालें। एक किलो बचा रहने पर छानकर बोतल में भरकर रख लें।

तेज दर्द में दिन में 2-3 बार इस पानी से कुल्ला करने से दो दिन में ही आराम आ जाता है। कुछ अधिक दिन कुल्ला करने से दाँत पत्थर की तरह मजबूत हो जाते हैं।

प्रायः दाढ़ में कीड़ा लगने पर असहनीय दर्द उठता है। तब अमरूद के पत्ते के काढ़े से कुल्ला करने से दाँत और दाढ़ की भयानक टीस और दर्द दूर हो जाता है। पतीले में पानी में अमरूद के पत्ते डालकर इतना उबालें कि वह पानी
उबाले हुए दूध की तरह गाढ़ा हो जाए।


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