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Dil ki bimari ke lakshan ayurvedic upay | दिल की बीमारी के लक्षण आयुर्वेदिक उपाय

Dil ki bimari ke lakshan ayurvedic upay

अनार के रस में में मिश्री मिलाकर हर रोज सुबह-शाम पीने से दिल मजबूत होता है।

बादाम खाने से दिल सेहतमंद रहता है क्योंकि इसमें विटामिन और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है।

अर्जुन छाल और प्याज को बराबर पीसकर समान मात्रा में तैयार कर प्रतिदिन आधा चम्मच दूध के साथ लेने से हृदय रोगों में बहुत ही लाभ मिलता है।

खाने में अलसी के तेल का प्रयोग करें। अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होता है जिससे भी दिल मजबूत होता है।

छोटी इलायची और पीपरामूल का चूर्ण घी के साथ खाने से भी दिल मजबूत रहता है।

दिल को मजबूत बनाने के लिए गुड को देसी घी में मिलाकर नित्य खाने से भी बहुत फायदा होता है।

गाजर के रस को शहद में मिलाकर पीने से भी दिल मजबूत होता है। अलसी के पत्ते और सूखे धनिए का काढ़ा बनाकर पीने से भी ह्रदय की कमजोरी मिटती है।

कच्चा लहसुन रोज सुबह खाली पेट छीलकर खाने से खून का संचार ठीक रहता है और दिल को मजबूत बनाता है, इससे कोलेस्ट्रॉल भी कम होता है।

सेब का जूस और आंवले का मुरब्बा खाने से दिल बेहतर ढंग से काम करता शहद दिल को मजबूत बनाता है, इसलिए एक चम्मच शहद प्रतिदिन अवश्य ही लें।

रोज 50 ग्राम कच्चा ग्वारपाठा खाली पेट खाने से भी कोलेस्ट्रॉल कम हो जाता है।

लौकी उबालकर उसमें धनिया, जीरा व हल्दी का चूर्ण तथा हरा धनिया डालकर कुछ देर पकाकर इस सप्ताह में कम से कम 2-3 बार खाइए। इससे दिल को शक्ति मिलती है।


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