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Gathiya rog ki ayurvedic dawa | गठिया रोग की आयुर्वेदिक दवा

Gathiya rog ki ayurvedic dawa

गाजर को पीसकर इसमें थोड़ा सा नीबू का रस मिलाकर रोजाना सेवन करें। यह जोड़ो के लिगामेंट्स का पोषणकर दर्द से राहत दिलाता है।

हरसिंगार के ताजे 4-5 पत्ती को पानी के साथ पीस ले, इसका सुबह-शाम सेवन करें, अति शीघ्र स्थाई लाभ प्राप्त होगा।

100 ग्राम लहसुन की कलियां लें। इसे सैंधा नमक, जीरा, हींग, पीपल,कालीमिर्च व सौंठ 5-5 ग्राम के साथ पीसकर मिला लें। फिर इसे अरंड के तेल में भूनकर शीशी में भर लें। इसे एक चम्मच पानी के साथ दिन में दो बार लेने से गठिया में आशातीत लाभ होता है।

जैतून के तेल से मालिश करने से भी गठिया में बहुत लाभ मिलता है। सौंठ का एक चम्मच पावडर का नित्य सेवन गठिया में बहुत लाभप्रद है। गठिया रोग में हरी साग सब्जी का इस्तेमाल बेहद फायदेमंद रहता है। पत्तेदार सब्जियो का रस भी बहुत लाभदायक रहता है।

गठिया के उपचार में भी जामुन बहुत उपयोगी है। इसकी छाल को खूब उबालकर इसका लेप घुटनों पर लगाने से गठिया में आराम मिलता है।

दो बड़े चम्मच शहद और एक छोटा चम्मच दालचीनी का पावडर सुबह-शाम एक गिलास गुनगुने जल से लें।

लहसुन की 10 कलियों को 100 ग्राम पानी एवं 100 ग्राम दूध में मिलाकर पकाकर उसे पीने से दर्द में शीघ्र ही लाभ होता है।

एक चम्मच मेथी दाने रात भर साफ पानी में गलने दें। सुबह पानी निकाल दें और मेथी के बीज अच्छी तरह चबाकर खाएं। मेथी बीज की गर्म तासीर मानी गयी है। यह गुण जोड़ों के दर्द दूर करने में मददकरता है।

गठिया के रोगी 4-6 लीटर पानी पीने की आदत डालें। इससे ज्यादा पेशाब होगा और अधिक से अधिक विजातीय पदार्थ और यूरिक एसिड बाहर निकलते रहेंगे।

एक बड़ा चम्मच सरसों के तेल में लहसुन की 3-4 कुली पीसकर डाल दें, इसे इतना गरम करें कि लहसुन भली प्रकार पक जाए, फिर इसे आंच से उतारकर मामूली गरम हालत में इससे जोड़ों की मालिश करने से दर्द में तुरंत राहत मिल जाती है।

प्रतिदिन नारियल की गिरी के सेवन से भी जोड़ो को ताकत मिलती है। आलू का रस 100 ग्राम प्रतिदिन भोजन के पूर्व लेना बहुत हितकर है।

प्रातः खाली पेट एक लहसुन कली, दही के साथ दो महीने तक लगातार लेने से जोड़ो के दर्द में आशातीत लाभ प्राप्त होता है।

250 ग्राम दूध एवं उतने ही पानी में दो लहसुन की कलियाँ, 1-1 चम्मच सोंठ और हरड़ तथा 1-1 दालचीनी और छोटी इलायची डालकर उसे अच्छी तरह से धीमी आँच में पकायें। पानी जल जाने पर उस दूध को पीयें, शीघ्र लाभ प्राप्त होगा।

संतरे के रस में 15 ग्राम कॉड लिवर आइल मिलाकर सोने से पूर्व लेने से गठिया में बहुत लाभ मिलता है।

अमरूद की 4-5 नई कोमल पत्तियों को पीसकर उसमें थोड़ा सा काला नमक मिलाकर रोजाना खाने से से जोड़ो के दर्द में काफी राहत मिलती है।।

काली मिर्च को तिल के तेल में जलने तक गर्म करें। उसके बाद ठंडा होने पर उस तेल को मांसपेशियों पर लगाएं, दर्द में तुरंत आराम मिलेगा।

दो तीन दिन के अंतर से खाली पेट अरंडी का 10 ग्राम तेल पियें। इस दौरान चाय-कॉफी कुछ भी न लें जल्दी ही फायदा होगा।

दर्दवाले स्थान पर अरंडी का तेल लगाकर, उबाले हुए बेल के पत्तों को गर्म-गर्म बाँधे इससे भी तुरंत लाभ मिलता है।


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