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Kaan me dard ayurvedic upay | कान में दर्द आयुर्वेदिक उपाय

Kaan me dard ayurvedic upay

दो-तीन बूंद सरसों का तेल कान में डालने से कान के संक्रमण में तुरंत लाभ मिलता है।

भोजन में अधिक से अधिक विटामिन सी युक्त पदार्थों जैसे अमरुद, नीबू,संतरे, पपीते अदि फलों का प्रयोग करें ये कान के दर्द को कम करने में लाभ देते है।

केले की पेड की हरी छाल निकालें। इसे गरम करके सोते वक्त इसकी 3-4 बूंदे कान में डालें। कान दर्द की यह बहुत कारगर दवा है।

मुलहठी को घी में भूनकर बारीक पीसकर पेस्ट बनाएं। फिर इसे कान में डालें। कुछ ही मिनट में दर्द बिलकुल समाप्त होगा।

एक मूली के बारीक टुकड़े करके उसे सरसों के तेल में पकाएं। फिर इसे छानकर शीशी में भर लें। कान दर्द में इसकी 2-4 बूंदे दिन में 3-4 बार टपकाने से जल्दी ही आराम मिलता है।

अजवाइन और तिल का बराबर तेल मिलाएं। इसे मामूली गरम करके कान में 2-4 बूंदे टपका दें। कान दर्द में यह बहुत उपयोगी है।

अदरक का रस निकालकर दो बूंद कान में टपका देने से भी कण के दर्द एवं सूजन में लाभ मिलता है।

लहसुन की दो कलियों को अच्छी तरह से पीसकर इसमें एक चुटकी नमक मिलाकर गरम कपड़े से बनाई गयी पुल्टिस को दर्दवाले हिस्से पर रखें, जल्दी ही दर्द में आराम होगा।

10 मिली तिल के तेल में 3 लहसुन की कली पीसकर गरम करें, फिर छानकर शीशी में भर लें। इसकी 4-5 बूंदें जिस कान में समस्या हो उसमें टपका दें। कान दर्द में लाभप्रद नुस्खा है।

जैतून का तेल हल्का गरम करके कान में डालने से भी कान के दर्द में राहत मिलती है।

प्याज का रस निकाल लें, अब रुई के फाये को इस रस में डुबोकर इसे कान के उपर निचोड़ दें,इ ससे कान में उत्पन्न सूजन, दर्द, एवं संक्रमण को कम करने में मदद मिलती है।

तुलसी की ताजी पतियों को निचोड़कर दो बूंद कान में टपकाने से कान दर्द से राहत देता है।

पांच ग्राम मेथी के बीज को एक बड़ा चम्मच तिल के तेल में गरम करें। फिर इसे छानकर शीशी में भर लें। अब इसे 2 बूंद दूध के साथ कान में टपका दें। कान पीप का यह बहुत ही कारगर इलाज माना जाता है।

अदरक के रस में नीबू का रस मिलाएं और इसकी चार पांच बूंदे कान में डालें। आधे घंटे के बाद कान को रुई से साफ कर दें।


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