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kabj kaise dur kare ? ayurvedic upay | कब्ज कैसे दूर करे ?

kabj kaise dur kare ? ayurvedic upay

kabj kaise dur kare ? कब्ज कैसे दूर करे ? 

अरंडी के तेल को सदियों से कब्ज से राहत पाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। कब्ज खत्म करने के साथ यह पेट के कीड़े भी नष्टकरता है। खाली अरंडी के तेल को पीने से बेहतर रहेगा कि इसे रात को सोने से पहले दूध में मिलाकर पिएं। एक चम्मच से ज्यादा न डालें। इससे अगले दिन पेट साफ रहेगा।

 पालक में पेट साफ करने, हानिकारक टॉक्सिन को आंतों से बाहर करने जैसे गुण होते हैं। इसलिए लगभग 100 मि.ली. पालक का जूस बराबर मात्रा में पानी के साथ मिलाकर दिन में दो बार पिएं। यह घरेलू उपाय पुराने कब्ज को भी दूरकर देता है।

संतरा सिर्फ विटामिन सी का ही मुख्य स्रोत नहीं है, बल्कि इसमें फाइबर की भरपूर मात्रा होती है। रोज सुबह-शाम एक-एक संतरा खाने से कब्ज जैसी बीमारी में राहत मिलती है।

 दो से तीन सूरजमुखी के बीजों को कुछ अलसी के बीज, तिल और कसे हुए बादाम के साथ मिलाकर पाउडर बना लें। अब एक हफ्ते तक रोज एक बड़ा चम्मच इस मिक्सचर को खाएं। यह मिश्रण सिर्फ कब्ज की बीमारी को ही दूर नहींकरता, बल्कि आंतों की दीवार को भी पुनर्निमितकरता है।

जीरा, हल्दी और अजवाइन को अपने खाने में शामिल करें। इनका इस्तेमाल छौंक लगाने में या चटनी बनाने में किया जा सकता है। इससे शरीर की पाचन क्रिया सुधरती है।

रोज कम से कम आठ गिलास पानी जरूर पिएं। ध्यान रखें, रात को सोने से पहले और सुबह उठते ही एक गिलास गर्म पानी जरूर पिएं।

अलसी के बीज में भी फाइबर की मात्रा अधिक होती है इसलिए यह कब्ज जैसी बीमारी से राहत देता है। अच्छे रिजल्ट के लिए अलसी के बीज को सुबह कॉर्नफ्लेक्स के साथ मिलाकर खा सकते हैं या फिर मुट्ठी भर अलसी के बीज को गर्म पानी के साथ सुबह खा सकते हैं। फाइबर आपकी खुराक में जरूर होना चाहिए। इससे कब्ज जैसी परेशानी से दूर रहेंगे। अलसी के बीज कब्ज के साथ-साथ डायबिटीज, हृदय रोग, मोटापे और कैंसर के खतरे को कमकरता है। त्रिफला पाउडर आवंला, हरीतकी और विभीतकी औषधियों के चूर्ण से बनता है। इससे पाचन क्रिया संतुलित रहती है और कब्ज जैसी दिक्कतों से राहत मिलती है।

 त्रिफला पाउडर को गुनगुने पानी या शहद के साथ पाउडर मिक्सकरके खा सकते हैं। इस मिक्सचर को रात में सोने से पहले या सुबह खाली पेट खाने से कब्ज में तुरंत राहत मिलती है। यह पूरी तरह से औषधियों से बना है, इसलिए यह एंटी-बायोटिक दवाइयों से कहीं बेहतर है।

 किशमिश फाइबर से भरपूर होती है और कुदरती जुलाब की तरह काम करती है। मुट्ठी भर किशमिश को रात भर पानी में भिगोकर रख दें और सुबह इसे खाली पेट खाएं। गर्भवती महिलाओं को होनेवाली कब्ज के लिए यह बिना किसी साइड इफेक्ट की दवा है। किशमिश ऊर्जा बूस्टर की तरह होती है, इसलिए यह किसी भी प्रकार के ऊर्जा ड्रिंक्स से बेहतर होती है।

अमरूद के गूदे और बीज में फाइबर की उचित मात्रा होती है। इसके सेवन से खाना जल्दी पच जाता है और एसिडिटी से राहत मिलती है। साथ ही, पेट भी साफ हो जाता है। अमरूद पेट के साथ-साथ शरीर के इम्यून सिस्टम को भी मजबूतकरता है, जिससे रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।

 एक गिलास गुनगुने पानी में नीबू और नमक मिलाकर सुबह खाली पेट पिएं। इससे आंतों में से शरीर का बेकार तत्त्व साफ होता है। इसके लिए एक गिलास गर्म पानी में एक छोटा चम्मच नीबू का रस मिलाएं और फिर चुटकी भर नमक मिलाकर इस जूस को सुबह फ्रेश होने से पहले पिएं। इससे शरीर का टॉक्सिन भी बाहर हो जाते हैं।

 अंजीर पका हो या सूखा, जुलाब की तरह कामकरता है, क्योंकि इसमें फाइबर की मात्रा काफी ज्यादा होती है। कब्ज से राहत पाने के लिए एक गिलास दूध में अंजीर के कुछ टुकड़ों को उबालें और इसे रात को सोने से पहले पिएं। ध्यान रहे, गर्म दूध ही पिएं।

 पका हुआ बेल कब्ज के लिये बहुत ही लाभदायक है। इसे पानी में उबालकर, मसलकर इसका रस निकालकर लगातार 15 दिन तक पियें। कब्ज दूर हो जाएगी।
 किशमिश को पानी में कुछ देर तक भिगोकर रखे, इसके बाद इसे पानी से निकालकर खा लीजिए। नियमित रूप से इसका सेवन करने से जल्द ही कब्ज दूर हो हो जाता है।

प्रतिदिन अमरुद, पपीता, नीबू और अंगूर को अपने आहार में शामिल करें इससे भी कब्ज में बहुत फायदा होता है।

कब्ज में गरिष्ठ, बासी व बाजार के खुले, तले भुने खाद्य पदार्थों से दूर रहे। चाय, कॉफी, धूम्रपान व नशीली वस्तुओं से भी दूर रहे।

कब्ज से बचने के लिए सूर्योदय से पूर्व बिस्तर अवश्य ही छो ड़ दें। सुबह कुछ देर टहलने, नियमित व्यायाम वा योगासन की अवश्य ही आदत डालें।

अंजीर को रात भर पानी में डालकर भिगोकर रखे, इसके बाद सुबह उठकर इसको खाने से कब्ज की शिकायत दूर होती है।

कच्चा पालक खाने या पालक के रस के सेवन से भी कब्ज समाप्त होता है। एक गिलास पालक का रस रोज पीने से पुरानी से पुरानी कब्ज भी मिट जाती है।
रात को सोते समय एक गिलास दूध में 1-2 चम्मच घी मिलाकर पीने से भी कब्ज रोग का समाप्त होता है। 

कब्ज के रोगी को दिन मे 4 से 5 लीटर पानी अवश्य ही पीना चाहिये।

 20 ग्राम त्रिफला रात को आधा लीटर पानी में भिगोकर रख दीजिए। सुबह उठने के बाद शौच जाने से पहले त्रिफला को छानकर उस पानी को पी लीजिए। इससे कुछ ही दिनों में कब्ज की शिकायत दूर हो जाएगी। 

रात को सोने से पहले एक चम्मच शहद को एक गिलास पानी के साथ मिलाकर नियमित रूप से पीने से कब्ज बिलकुल दूर हो जाता है।

सुबह उठने के बाद नीबू के रस को काला नमक मिलाकर गुनगुने पानी के साथ सेवन करने से पेट साफ रहता है।

 प्रतिदिन प्रातःकाल बिना कुछ खाए चार पाँच दाने काजू, 5 दाने मनुक्का के साथ खाने से भी कब्ज में अवश्य ही लाभ होता है।

दूध या पानी के साथ रात में सोते वक्त इसबगोल की भूसी लेने से भी कब्ज शीघ्र ही समाप्त होता है। 
हर रोज रात में हर्र के बारीक चूर्ण को कुनकुने पानी के साथ लेने से कब्ज दूर होता है।


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