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kamar dard ka ilaj ayurvedic upay | कमर दर्द का इलाज आयुर्वेदिक उपाय

kamar dard ka ilaj ayurvedic upay


जो लोग रोज एक्सरसाइजकरते हैं, उन्हें कमर दर्द या गर्दन के दर्द की कम शिकायत होती है। जितना पैदल चलेंगे, उतना ही फिट और स्वस्थ रहेंगे।


आप योगा, जॉगिंग, वॉक, वॉलीवॉल और मसल्स को डेवलप करनेवाले
दूसरी एक्सरसाइजकर सकते हैं। रोज एक्सरसाइज करने के लिए नियम बना लें। इसे अपनी रूटीन में शामिल करें। एक्सरसाइज करने से शरीर को काफी फायदा होता है।

हैंडबैग, हील और एसेसरीज, इनसे ही पोश्चर का तरीका बदल जाता है
और आपकी नसों, लिगामेंट्स और जोड़ों में दर्द होना शुरू हो जाता है। अगर नया बैग खरीदने की सोच रहे हैं, तो कोशिश करें कि मीडियम साइज का लें।

इसके अलावा, अगर कोई एसेसरीज पहन रहे हैं तो ध्यान रहे है कि इससे कोई परेशानी न हो।

शरीर को लचीला बनाने के लिए एक्सरसाइजकरना जरूरी है। इस तरह से खुद को फिट रखने और मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए ये जरूरी है।

जिन लोगों को गर्दन और कमर का दर्द होता है, उन्हें स्ट्रेचिंग करने से काफी फायदा होता है। दिन में थोड़ी-सी स्ट्रेचिंग करने से शरीर और मसल्स रिलेक्स रहती है। इसके लिए सीधे खड़े या बैठकर स्ट्रेच करें और एक बार में एक ही मसल्स को स्ट्रेच करें। स्ट्रेचिंगकरते वक्स थोड़ी सावधानी बरतें।

शरीर में होनेवाली दिक्कतें दरअसल स्ट्रेस से ज्यादा बढती हैं। स्ट्रेस बढ़ने से इमोशनल स्तर बढ़ता है। हम अपने इमोशन और फीलिंग को नियंत्रण नहीं कर सकते है, जिससे उदासी, गुस्सा आना और नर्वस होना जैसी दिक्कतें होने लगती हैं। जब ज्यादा स्ट्रेस होता है तो दिमाग और शरीर में हलचल-सी मच जाती है, क्योंकि आपकी मांसपेशियां तनाव से भर जाती हैं और रक्तचाप बढ़ जाता है।

जब कभी भी इस तरह की दिक्क्त हो, एक गहरी सांस लें और खुद को रिलेक्स करने की कोशिश करें।

कमर दर्द होने पर सबसे जरूरी है कि बैठने का तरीका सही होना चाहिए। बैठने-उठने के गलत तरीके से कमर पर बुरा असर पड़ता है। जब भी बैठते, खड़े होते या सोते हैं, तो अपने पोश्चर का ध्यान रखें। पोश्चर हमारे स्वास्थ्य पर असर डालता है।
कई बार सोते वक्त पोश्चर सही न होने की वजह से कमर दर्द या शरीर के किसी हिस्से में दर्द होने लगता है, इसलिए सबसे पहले पोश्चर को  सही करें। इसके साथ ही, रिस्पेरेटरी सिस्टम और डाइजेस्टिव सिस्टम को सही रखना भी जरूरी है।

जब बैठते हैं तो तरीका सही होना चाहिए। कई बार बैठने के गलत तरीके से भी कमर का दर्द होने लगता है। जब लंबे समय तक बैठते हैं, आपकी कोर (पेट और कमर के बीच की मांसपेशियां) इसके लिए सपोर्ट करती है। ये मांसपेशियां अधिक बार उपयोग करने पर इग्जॉस्टिड हो जाती हैं और आपकी शरीर थकने लगती है। इसलिए बैठते समय शरीर का खास ध्यान रखें। पैर और घुटने में _90 डिग्री एंगल हो और आपकी बैक कुर्सी के पीछे तक हो। इसके साथ यह भी जरूरी है कि आपकी डेस्क और चेयर के बीच दूरी होनी चाहिए।

झुककर कभी काम न करें। ऐसा ज्यादा समय तक करने पर कमर में दर्द की शिकायत होगी ही।

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