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Khansi ki dawa ka ayurvedic upay | खांसी की दवा का आयुर्वेदिक उपाय

Khansi ki dawa ka ayurvedic  upay

लगभग 2 कप पानी में अदरक के छोटे-छोटे टुकड़े और कुछ इमली की कुछ पत्तियां डालें और तब तक उबालें जब तक कि ये एक कप न रह जाए। इसमें 4 चम्मच शक्कर डालकर धीमी आंच पर कुछ देर और उबालें, फिर ठंडा होने दें। ठंडा होने पर इसमें 10 बूंद नीबू रस की डाल दें। हर तीन घंटे में इस सिरप का एक बार सेवन करने से खांसी छू-मंतर हो जाती है।


 समान मात्रा में शहद और कच्चे प्याज का रस (लगभग एक चम्मच) मिलाकर 3 से 4 घंटे के लिये किसी अंधेरे स्थान पर रख दें। बाद में इसका सेवन करें। यह खांसी की दवाई के रूप में सटीक कार्यकरता है।

अडूसा के पत्तों के रस (6 मि.ली.) को शहद (4 मि.ली.) में मिलाकर पीने से भी खांसी और गले की खराश से राहत मिलती है।

नाक बह रही हो तो काली मिर्च, अदरक, तुलसी को शहद में मिलाकर दिन में तीन बार लें। नाक बहना रुक जाएगा।

गले में खराश या ड्राई कफ होने पर अदरक के पेस्ट में गुड़ और घी मिलाकर खाएं।

नहाते समय शरीर पर नमक रगड़ने से भी जुकाम या नाक बहना बंद हो जाता है।

तुलसी के साथ शहद हर दो घंटे में खाएं। कफ से छुटकारा मिलेगा।

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