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Liver me sujan ke upay | लिवर में सूजन के उपाय

Liver me sujan ke upay

लिवर हमारे शरीर का सबसे व्यस्त रहनेवाला अंग है। यह कई बायोकेमिकल क्रियाएंकरता हैं, जैसे लिवर पित्त बनाता है जो पाचन, प्लाज्मा का निर्माण करने में, आयरन स्टोर करने में, रक्त का थक्का बनने से रोकने में और कई दूसरे काम करने में लाभदायक होता है।

गिलोय लिवर से टॉक्सिन हटाने के साथ-साथ इसकी फंक्शनिंग को मजबूती देता है।

अलसी के बीजों को कद्दूकसकरके या साबुत भी खा सकते हैं। इससे लिवर सुरक्षित रहेगा।

चुकंदर, पत्तागोभी, गाजर, ब्रोकली, प्याज और लहसुन लिवर के लिए उपयोगी सब्जियां हैं। ब्रोकली, प्याज और लहसुन शरीर को सल्फर उपलब्धकराते हैं और लिवर को किसी तरह के नुकसान से बचाते हैं।

हल्दी एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है। इससे लिवर का स्वास्थ्य सुधरता है। हल्दी का एंटीवायरल एक्शन हेपेटाइटिस बी और सी के वायरस को बढ़ने से रोकता है। हल्दी को इस्तेमाल करने का सबसे आसान और अच्छा उपाय है कि इसे खाना बनाते वक्त मसालों के साथ मिलाकर खाएं या दूध में चुटकी भर हल्दी मिलाकर रोज पिएं। इससे लिवर संबंधी रोगों से बचे रहेंगे।

आंवले में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में होता है। साथ ही यह पेट के लिए भी फायदेमंद होता है, क्योंकि यह लिवर की फंक्शनिंग को उच्च स्तर पर रखता है। आंवले के सत्व में लिवर की फंक्शनिंग को प्रोटेक्ट करनेवाले गुण होते हैं।

जो लोग नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर रोगों (जब लिवर में फैट की मात्रा बढ़ जाती है) से पीड़ित होते हैं, उनके लीवर में ट्रांसएमाइनेज एंजाइम्स की मात्रा बढ़ जाती है। मुलेठी का सत्व इन एंजाइम्स की मात्रा को लिवर से कमकरता है। इसलिए मुलेठी लिवर के लिए लाभप्रद है। मुलेठी को इसके मीठे स्वाद और एंटी-अल्सर एक्शन के लिए जाना जाता है।

आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल लिवर की बीमारियों को ठीक करने में किया जाता है। किसी भी आयुर्वेदिक स्टोर में मुलेठी आसानी से मिल जाएगी। इसे पीसकर पाउडर बना लें और उबलते हुए पानी में मिलाकर पिएं।

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