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Mirgi se chutkara kaise paye | मिर्गी से छुटकारा कैसे पाए

Mirgi se chutkara kaise paye

दिमागी स्नायु कोशिकाओं के बीच आपसी तालमेल न होना मिर्गी का कारण होता है।


मिर्गी रोगी को बकरी के एक पाव दूध में पास ग्राम मेहंदी के पत्तों का रस मिलाकर नित्य प्रातः दो सप्ताह तक पीने से दौरे बंद हो जाते हैं। जरूर आजमाएं। रोजाना तुलसी के बीस पत्ते चबाकर खाने से रोग की गंभीरता में गिरावट देखी जाती है।

कद् मिर्गी की सर्वश्रेष्ठ घरेलू चिकित्सा में से एक है। इसमें पाये जानेवाले पौषक तत्त्वों से मस्तिष्क के नाड़ी-रसायन संतुलित हो जाते हैं जिससे मिर्गी रोग की गंभीरता में गिरावट आ जाती है। कद्दू की सब्जी बनाई जाती है लेकिन इसका रस नियमित पीने से ज्यादा लाभ मिलता है। स्वाद सुधारने के लिये रस में शकर और मुलहटी का पाउडर भी मिलाया जा सकता है।

गाय के दूध से बनाया हुआ मक्खन मिर्गी में फायदा पहुंचानेवाला उपाय है। दस ग्राम नित्य खाएं।

अंगूर का रस मिर्गी रोगी के लिये अत्यंत उपादेय उपचार माना गया है। आधा किलो अंगूर का रस निकालकर प्रात:काल खाली पेट लेना चाहिये। यह उपचारकरीब छह माह करने से आश्चर्यकारी सुखद परिणाम मिलते हैं।
मिट्टी को पानी में गीलीकरके रोगी के पूरे शरीर पर प्रयुक्तकरना अत्यंत लाभकारी उपचार है। एक घंटे बाद नहालें। इससे दौरों में कमी होकर रोगी स्वस्थ अनुभवकरेगा।

मानसिक तनाव और शारिरिक अति श्रम रोगी के लिये नुकसान देह है। इनसे बचना जरूरी है।

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