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Motapa kaise kam kare | मोटापा कैसे काम करे

Motapa kaise kam kare

रोटी के लिए गेहूं, सोयाबीन, चने के मिश्रित आटे का उपयोग करें। भोजन मे ज्यादा रेशेवाले पदार्थ शामिल करें। हरी सब्जियों और फलों में अधिक रेशे होते हैं। ये शरीर को स्वस्थ बनाए रखते हैं।

 भूख लगने पर ही खाना खाएं और एकदम भरपेट भोजन न करें। प्रतिदिन पानी अधिक पीएं, लेकिन खाना खाते समय बीच-बीच में अधिक पानी न पीएं।

सुबह-शाम खाना खाने के बाद कुछ देर वज्रासन में अवश्य बैठें। इससे आपकी पाचन क्रिया व्यवस्थित रहेगी और पेट संबंधी बीमारियां दूर रहेंगी। मोटापे से बचने के लिए दूध से निर्मित पदार्थ का सेवन कमकर देना चाहिए।
यदि संभव हो सके तो अधिक वसावाली चीजें खाना पूरी तरह बंदकर दें। पुदीने का रस एक चम्मच और दो चम्मच शहद, एक साथ मिलाएं और इसका सेवन नियमित रूप सेकरते रहें।

 मोटापा दूर करने में अश्वगंधा काफी कारगर है। इसके पत्ते का यह नुस्खा हर रोज अपनाएं। खाने से कुछ देर पहले अश्वगंधा के पत्ते को मसलकर एक छोटी सी गोली बनाएं और इस गोली को निगल लें। इस नुस्खे से भी मोटापा दूर हो सकता है।

रोज सुबह नीबू और शहद को गुनगुने पानी में डालकर पीएं। इससे शरीर का अतिरिक्त फैट कम हो जाता है।

हर रोज कम से कम तीन पाव फल और सब्जियों का सेवन अवश्य करें। हर रोज कम से कम तीन किलोमीटर तेज गति से चलें। साथ ही, दौड़ना, तैरना, खेलना, साइकिल चलाना भी मोटापा दूर करने में लाभदायक है।

ज्यादा कार्बोहाइड्रेटवाली चीजों का सेवन न करें। शक्कर, आलू और चावल में अधिक कार्बोहाइड्रेट होता है और ये चर्बी बढ़ाते हैं, अतः इनसे पूरी तरह परहेज करें।

आधा चम्मच सौंफ को एक कप खौलते पानी में डाल दें। 10 मिनट तक इसे ढककर रखें। ठंडा होने पर इस पानी को पिएं। ऐसा तीन माह तक लगातार करने से वजन कम होने लगता है।

गुग्गुल गोंद को दिन मे दो बार पानी में घोलकर या हल्का गुनगुनाकर पीने से वजन कम करने में मदद मिलती है।

हरड़ और बहेड़ा का चूर्ण बना लें। एक चम्मच चूर्ण 50 ग्राम परवल के जूस (1 गिलास) के साथ मिलाकर रोज लें। वजन तेजी से कम होने लगेगा। सब्जियों और फलों में कैलोरी कम होती है, इसलिए इन्हें अधिक मात्रा में लें। केला और चीकू न खाएं। इनसे मोटापा बढ़ता है।

खाने के साथ टमाटर और प्याज का सलाद काली मिर्च व नमक डालकर खाएं। इनसे शरीर को विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन के, आयरन,पोटेशियम, लाइकोपीन और ल्यूटिन मिलेगा। इन्हें खाने के बाद खाने से पेट
जल्दी भर जाएगा और वजन नियंत्रिण में रहेगा।

पुदीने की ताजी हरी पत्तियों की चटनी बनाकर चपाती के साथ खाएं।

पुदीनेवाली चाय पीने से भी वजन नियंत्रण में रहता है।

रोज खाने से पहले गाजर खाएं। खाने से पहले गाजर खाने से भूख कम हो जाएगी। आधुनिक विज्ञान भी गाजर को मोटापा कम करने में कारगर मानता है।

करेले की सब्जी खाने से भी वजन कम करने में मदद मिलती है। सहजन के नियमित सेवन से भी वजन नियंत्रित रहता है।

सौंठ, दालचीनी की छाल और काली मिर्च (3-3 ग्राम) पीसकर चूर्ण बना लें। सुबह खाली पेट और रात सोने से पहले पानी से इस चूर्ण को लें। मोटापा कम होने लगेगा।

पपीता नियमित रूप से खाएं। यह हर मौसम में मिल जाता है। लंबे समय तक पपीता खाते रहने से कमर की अतिरिक्त चर्बी कम होती है। दही को नियमित भोजन में शामिल करने से शरीर की फालतू चर्बी घट जाती है। छाछ भी दिन में दो-तीन बार लें।

छोटी पीपल का बारीक चूर्ण पीसकर उसे कपड़े से छान लें। यह चूर्ण तीन ग्राम रोजाना सुबह के समय छाछ के साथ लेने से बाहर निकला हुआ पेट अंदर हो जाता है।

आंवले व हल्दी को बराबर मात्रा में पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को छाछ के साथ लें। कमर एकदम पतली हो जाएगी।

मोटापा कम नहीं हो रहा हो तो खाने में कटी हुई हरी मिर्च या काली मिर्च को शामिलकरके बढ़ते वजन पर काबू पाया जा सकता है। एक रिसर्च में पाया गया कि वजन कम करने का सबसे बेहतरीन तरीका मिर्च खाना है। मिर्च में पाए जानेवाले तत्त्व कैप्साइसिन से भूख कम होती है। इससे ऊर्जा की खपत भी बढ़ जाती है, जिससे वजन नियंत्रण में रहता है।

लटजीरा या चिरचिटा के बीजों को एकत्रकर लें। किसी मिट्टी के बर्तन में हल्की आंच पर भूनकर पीस लें। एक-एक चम्मच दिन में दो बार फांकी लें, बहुत फायदा होगा।

दो बड़े चम्मच मूली के रस में शहद मिलाकर बराबर मात्रा में पानी के साथ पिएं। ऐसा करने से 1 माह के बाद मोटापा कम होने लगेगा। मालती की जड़ को पीसकर शहद मिलाकर खाएं और छाछ पिएं। प्रसव के बाद होनेवाले मोटापे में यह रामबाण की तरह कामकरता है।

रोज सुबह-सुबह एक गिलास ठंडे पानी में दो चम्मच शहद मिलाकर पिएं। इस घोल को पीने से शरीर से वसा की मात्रा कम होती है।

रोज पत्तागोभी का जूस पिएं। पत्तागोभी में चर्बी घटाने के गुण होते हैं। इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म सही रहता है।

एक चम्मच पुदीना रस को 2 चम्मच शहद में मिलाकर लेते रहने से मोटापा कम होता है।

सुबह उठते ही 250 ग्राम टमाटर का रस 2-3 महीने तक पीने से वसा में कमी होती है।

पपीता नियमित रूप से खाएं। यह हर मौसम में मिल जाता है। लंबे समय तक पपीता खाते रहने से कमर की अतिरिक्त चर्बी कम होती है।

दही को नियमित भोजन में शामिल करने से शरीर की फालतू चर्बी घट जाती है। छाछ भी दिन में दो-तीन बार लें।

छोटी पीपल का बारीक चूर्ण पीसकर उसे कपड़े से छान लें। यह चूर्ण तीन ग्राम रोजाना सुबह के समय छाछ के साथ लेने से बाहर निकला हुआ पेट अंदर हो जाता है।

आंवले व हल्दी को बराबर मात्रा में पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को छाछ के साथ लें। कमर एकदम पतली हो जाएगी।

मोटापा कम नहीं हो रहा हो तो खाने में कटी हुई हरी मिर्च या काली मिर्च को शामिलकरके बढ़ते वजन पर काबू पाया जा सकता है। मिर्च में पाए जानेवाले तत्त्व कैप्साइसिन से भूख कम होती है। इससे ऊर्जा की खपत भी बढ़ जाती है, जिससे वजन नियंत्रण में रहता है।

लटजीरा या चिरचिटा के बीजों को मिट्टी के बर्तन में हल्की आंच पर भूनकर पीस लें। एक-एक चम्मच दिन में दो बार फंकी लें, बहुत फायदा होगा। दो बड़े चम्मच मूली के रस में शहद मिलाकर बराबर मात्रा में पानी के साथ
पिएं। ऐसा करने से 1 माह के बाद मोटापा कम होने लगेगा।

मालती की जड़ को पीसकर शहद मिलाकर खाएं और छाछ पिएं। प्रसव के बाद होनेवाले मोटापे में यह रामबाण की तरह कामकरता है।

रोज सुबह-सुबह एक गिलास ठंडे पानी में दो चम्मच शहद मिलाकर पिएं। इस घोल को पीने से शरीर से वसा की मात्रा कम होती है।

ज्यादा कार्बोहाइड्रेटवाली वस्तुओं से परहेज करें। शक्कर, आलू और चावल में अधिक कार्बोहाइड्रेट होता है। ये चर्बी बढ़ाते हैं।

केवल गेहूं के आटे की रोटी के बजाय गेहूं, सोयाबीन और चने के मिश्रित आटे की रोटी ज्यादा फायदेमंद है।

रोज पत्तागोभी का जूस पिएं। पत्तागोभी में चर्बी घटाने के गुण होते हैं। इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म सही रहता है।

एक चम्मच पुदीना रस को 2 चम्मच शहद में मिलाकर लेते रहने से मोटापा कम होता है।

सुबह उठते ही 250 ग्राम टमाटर का रस 2-3 महीने तक पीने से वसा में कमी होती है।

सब्जियों और फलों में कैलोरी कम होती है, इसलिए इन्हें अधिक मात्रा में लें। केला और चीकू न खाएं। इनसे मोटापा बढ़ता है।

खाने के साथ टमाटर और प्याज का सलाद काली मिर्च व नमक डालकर खाएं। इनसे शरीर को विटामिन सी,  टामिन ए, विटामिन के, आयरन,पोटेशियम, लाइकोपीन और ल्यूटिन मिलेगा। इन्हें खाने के बाद खाने से पेट जल्दी भर जाएगा और वजन नियंत्रिण में रहेगा।

पुदीने की ताजी हरी पत्तियों की चटनी बनाकर चपाती के साथ खाएं। पुदीनेवाली चाय पीने से भी वजन नियंत्रण में रहता है।

रोज खाने से पहले गाजर खाएं। खाने से पहले गाजर खाने से भूख कम हो जाएगी।

आधा चम्मच सौंफ को एक कप खौलते पानी में डाल दें। 10 मिनट तक इसे ढककर रखें। ठंडा होने पर इस पानी को पिएं। ऐसा तीन माह तक लगातार करने से वजन कम होने लगता है।

गुग्गुल गोंद को दिन में दो बार पानी में घोलकर या हल्का गुनगुनाकर पीने से वजन कम करने में मदद मिलती है।

हरड़ और बहेड़ा का चूर्ण बना लें। एक चम्मच चूर्ण 50 ग्राम परवल के जूस के साथ मिलाकर रोज लें। वजन तेजी से कम होने लगेगा।

करेले की सब्जी खाने से भी वजन कम करने में मदद मिलती है। सहजन के नियमित सेवन से भी वजन नियंत्रित रहता है।

सौंठ, दालचीनी की छाल और काली मिर्च (3-3 ग्राम) पीसकर चूर्ण बना लें। सुबह खाली पेट और रात सोने से पहले पानी से इस चूर्ण को लें। मोटापा कम होने लगेगा।

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