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Motiyabind ke lakshan or motiyabind se bachne ke upay | मोतियाबिंद के लक्षण और मोतियाबिंद से बचने के उपाय

motiyabind se bachne ke upay

गाजर, पालकआंवले के रस का सेवन करने से मोतियाबिंद 2-3 महीने में कटकर खत्म हो जाता है।

एक चम्मच पिसा धनिया एक कप पानी में उबालकर छान लें ठंडा होने पर सुबह शाम आँखों में डाले इससे भी मोतियाबिंद में आराम मिलता है।

हल्दी मोतियाबिंद होने से रोकती है। हल्दी में ऐसा रसायन होता है जो रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाता है और साइटोकाइन्स तथा एंजाइम को नियंत्रित करता है, इसलिए हल्दी का नियमित सेवन करना चाहिए।

मोतियाबिंद और रतौंधी हो जाने पर नीम के तेल को सलाई से आंखों में अंजन की तरह से लगाएं।

मोतियाबिंद से बचाव के लिए सुबह मुंह में ठंडा पानी भरकर पूरी आँखें खोलकर आंखों पर साफ पानी के 8-10 बार छींटे मारें।

एक चम्मच त्रिफला चूर्ण, आधा चम्मच देसी घी और 1 चम्मच शहद को मिला लें। इसे रोज सुबह खाली पेट ले। इससे मोतियाबिंद के साथ-साथ आंखों की कई दूसरी बीमारियों से भी बचाव होता है।

प्रतिदिन गाजर, संतरे, दूध और घी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें। एक बूंद प्याज का रस और एक बूंद शहद मिलाकर इसे काजल की तरह रोजाना आंख में लगाएं।

एक चम्मच घी, दो काली मिर्च और थोड़ी सी मिश्री मिलाकर दिन में तीन बार इसका सेवन करें।

सौंफ और धनिए को बराबर मात्रा में लेकर उसमें हल्की भुनी हुई भूरी चीनी मिलाएं इसको एक एक चम्मच सुबह शाम सेवन करने से भी बहुत लाभ मिलता है।

6 बादाम की गिरी और 6 दाने साबुत काली मिर्च पीसकर मिश्री के साथ सुबह पानी के साथ लेने पर भी मोतियाबिंद में लाभ मिलता है।

आँखों की तकलीफ में गाय के दूध का नियमित रूप से सेवन करना चाहिए।


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