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Nakseer ka gharelu ilaj | नकसीर का घरेलु इलाज

Nakseer ka gharelu ilaj

साफ हरे धनिए की पत्तियों के रस की कुछ बूंदें भी नाक में डालने से फायदा मिलता है।

काली मिट्टी पर पानी छिड़ककर इस गीली मिट्टी की खुशबू सूंघे।

नकसीर बहने पर कुर्सी पर बिना टेका लिए बैठ जाएं और नाक की बजाय मुंह से सांस लें।

शीशम या पीपल के पत्तों को पीसकर या कूटकर, उसका रस नाक में 4-5 बूंद डाल दिया जाए तो एक क्षण में ही आराम मिल जाता है। शीशम के पत्ते पीसकर उनका शर्बत सवेरे शाम 15 दिन तक लगातार पीया जाए तो नकसीर की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाती है।

जिनको नकसीर की समस्या रहती है उन्हें धूमपान से परहेज करना चाहिए। करीब 20 ग्राम मुल्तानी मिट्टी को टकर रात के समय मिट्टी के बर्तन मेंकरीब एक गिलास पानी में डालकर भिगो दें। सुबह इस पानी को छान लें। इस साफ पानी को दो तीन दिन पिलाने से पुराने से पुराना नकसीर रोग भी हमेशा के लिए खत्म हो जाता है।

नकसीर आने पर रुई के फाए को सफेद सिरका में भिगोकर उस नाक के नथुने में रखें, जिससे खून बह रहा हो, तुरंत लाभ मिलता है।

ठंडे पानी में भीगे हुए रुई के फाहों को नाक पर रखें। रुई के छोटे-छोटे फाहों को पानी में भिगोकर फ्रीजर में रख लें। इनसे सिकाई करने पर भी शीघ्र लाभ प्राप्त होता है।

जिस व्यक्ति को नकसीर चल रही है उसे बिठाकर सिर पर ठंडे पानी की धार डालते हुए उसका सिर भिगो दें।

प्याज को काटकर नाक के पास रखें और उसे लगातार सूंघे।

थोड़ा सा सुहागा पानी में घोलकर नथूनों पर लगाएं इससे भी नकसीर तुरंत बंद हो जाती है।

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