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Pathari ka ilaj ayurvedic upay | पथरी का इलाज आयुर्वेदिक उपाय

Pathari ka ilaj ayurvedic upay

पथरी की समस्या से निपटने के लिए केला जरूर खाना चाहिए क्योंकि इसमें विटामिन बी 6 होता है। विटामिन बी 6 ऑक्जेलेट क्रिस्टल को बनने से रोकता और तोड़ता भी है।

विटामिन बी-6, विटामिन बी के अन्य विटामिन के साथ सेवन करना किडनी में स्टोन के इलाज में काफी मददगार माना जाता है।

मिश्री, सौंफ, सूखा धनिया लेकर 50-50 ग्राम मात्रा में लेकर डेढ लीटर पानी में रात को भिगोकर रख दीजिए। अगली शाम को इनको पानी से छानकर पीस लीजिए और फिर पानी में मिलाकर इसका घोल बना लीजिए, इस घोल को पीजिए। ऐसा नियमित रूप से करें शीघ्र ही पथरी निकल जाएगी।

शुद्ध तुलसी का रस लेने से भी पथरी को यूरीन के रास्ते निकलने में मदद मिलती है। कम से कम एक महीना तुलसी के पतों के रस के साथ शहद लेने से बहुत लाभ मिलता है। तुलसी के कुछ ताजे पत्तों को भी रोजाना चबाना चाहिए।

जीरे को मिश्री की चासनी अथवा शहद के साथ लेने पर पथरी घुलकर पेशाब के साथ निकल जाती है।

नीबू का रस और जैतून के तेल का मिश्रण, गुर्दे की पथरी के लिए सबसे प्रभावी प्रातिक उपचार में से एक है। पत्थरी का दर्द होने पर 60 मिली लीटर नीबू के रस में उतनी ही मात्रा में आर्गेनिक जैतूनका तेल मिलाकर सेवन करने से जल्दी ही आराम मिलता है।

नारियल का पानी पीने से पथरी में फायदा होता है। पथरी होने पर नारियल का प्रतिदिन पानी पीना चाहिए।

करेला पथरी में रामबाण की तरह कामकरता है । करेले में मैग्नीशियम और फॉस्फोरस नामक तत्त्व होते हैं, जो पथरी को बनने से रोकते हैं।

15 दाने बडी इलायची के एक चम्मच, खरबूजे के बीज की गिरी और दो चम्मच मिश्री, एक कप पानी में मिलाकर सुबह-शाम दो बार पीने से पथरी निकल जाती है।

किडनी स्टोन के उपचार के लिए अंगूर को बहुत ही उत्तम माना जाता है, चूँकि इनमें पोटेशियम नमक और पानी भरपूर मात्रा में होते है इसलिए अंगूर प्रातिक मूत्रवर्धक के रूप में भी उत्ष्ट रूप में कार्यकरता है।

पका हुआ जामुन पथरी से निजात दिलाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पथरी होने पर पका हुआ जामुन खाना चाहिए।

किडनी में स्टोन को निकालने में बथुए का साग भी बहुत ही कारगर होता है। आधा किलो बथुए के साग को उबालकर छान लें। अब इस पानी में जरा सी काली मिर्च, जीरा और हल्का सा सेंधा नमक मिलाकर, दिन में चार बार पीने से शीघ्र ही फायदा होता है।

आंवले का चूर्ण मूली के साथ खाने से मूत्राशय की पथरी निकल जाती है।

70 ग्राम प्याज को पीसकर और उसका रस निकालकर पियें। सुबह, शाम खाली पेट प्याज के रस का नियमित सेवन करने से पथरी छोटे-छोटे टुकडे होकर निकल जाती है।

जीरे और चीनी को समान मात्रा में पीसकर एक-एक चम्मच ठंडे पानी से रोज तीन बार लेने से लाभ होता है और पथरी निकल जाती है।

सहजन की सब्जी खाने से गुर्दे की पथरी टूटकर बाहर निकल जाती है। आम के पत्ते छांव में सुखाकर बहुत बारीक पीस लें और आठ ग्राम रोज पानी के साथ लीजिए, फायदा होगा।

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