Subscribe Us

header ads

Pathri ka ayurvedic ilaj | पथरी का आयुर्वेदिक इलाज

Pathri ka ayurvedic ilaj

तीन हल्की कच्ची भिंड़ी को पतली-पसरली लंबी-लंबी काट लें। कांच के खान में दो लीटर पानी में कटी हुई भिंडी डालकर रात भर के लिए रख दें। सुबह भिंडी को उसी पानी में निचोड़कर भिंडी को निकाल लें। ये सारा पानी दो घंटों के अंदर-अंदर पी लें। इससे किडनी की पथरी से छुटकारा मिलता है।


अनार का रास किडनी स्टोन के खिलाफ बहुरा ही असरदार और सरल घरेलू उपाय है। अनार के कई स्वास्थ्य लाभ के अलावा इसके लोग और रस में सट्टेपन और कसैले गुण के कारण इसे किडनी स्टोन के लिए प्रतिक उपाय
के रूप में माना जाता है।

नारियल का पानी पीने से पथरी में फायदा होता है। पथरी होने पर नारियल का पानी पीना चाहिए।

2-15 दाने बड़ी इलायची, एक चम्मच खरबूजे के बीज की गिरी और दो चम्मच मिश्री एक कप पानी में पीस-मिलाकर सुबह-शाम दो बार पीने से पथरी निकल जाती है।

पका हुआ जामुन पथरी से निजात दिलाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं। पश्वरी होने पर पका हुआ जामुन खाना चाहिए।

आपला भी पथरी में जान फायदाकरता है। आंवला का चूर्ण मूली के साथ खाने से मूत्राशय की पथरी निकल जाती है।

जीरे और चीनी को समान मात्रा में पीसकर एक-एक चम्मच ठंडे पानी से रोज तीन बार लेने से लाभ होता है और पथरी निकल जाती है।

सहजन की सब्जी खाने से गुर्दे की पथरी टूटकर बाहर निकल जाती हैं। आम के पत्ते छांव में सुखाकर बहुरा बारीक पीस लें और आठ ग्राम रोग पानी के साथ लीजिए, कायदा होगा।

मित्री, सौंफ, सूखा धनिया लेकर 50-50 नाम मात्रा में लेकर इंड लीटर पानी में रात को भिगोकर रख दीजिए। अगली शाम को हनको पानी से छानकर पीस लीजिए और पानी में मिलाकर एक बोल बना लीजिष्ट, हस घोल को पीजिए।
पथरी निकल जाएंगी।

किडनी स्टोन से छुटकारा दिलाने में अंगूर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अंगूर पातिक मूत्ररक्षक के रूप में कार्यकरता है, क्योंकि इनमें पोटेशियम और पानी भरपूर मात्रा  में होता है | अंगूर में अलबूमीन और सोडियम क्लोराईड बहुत हि कम मात्रा में होते हैं, जिनकी वजह से इन्हें किडनी स्टोन के उपचार के लिए अच्छा माना जाता है।

करेला कुत कड़वा होता है और आमतौर पर लोग इसे कम पसंदकरते हैं, लेकिन किडनी स्टोन के मरीजों के लिए यह रामबाण की तरह है करेले में मैग्नीशियम और फॉस्फोरस नामक तत्व होते हैं, जो पथरी को बनने से रोकते हैं।
इसलिए किडनी स्टोन की समस्या पर होनेकरेले का सेवन करना चाहिए।

स्टोन की समस्या से निपटने के लिए केले का सेवनकरना चाहिए। इसमें विटामिन बी-6 होता है। विटामिन बी-6 ऑक्नेलेट क्रिस्टल को बनने से रोकता और तोड़ता है। इसके अलावा विटामिन बी-6, विटामिन बी के अन्य विटामिन के साथ सेवन करना किडनी स्टोन के इलाज में काफी मददगार होता है। एक शोध के मुताबिक विटामिन बी की 100 से 150 मिलीग्राम दैनिक खुराक किडनी स्टोन के उपचार में बहुत फायदेमंद है।

जैतून के तेल के साथ नींबू का रस मिलाकर सेवन करने से किडनी स्टोन में फायदा होता है। दर्द होने पर 60 मिली लीटर नीबू के रस में उतनी ही मात्रा में आनिक जैतून का तेल मिलाकर सेवन करने से इसके दर्द से भी आराम मिलता हैं। नीबू का रस और जैतून का तेल पूरे स्वास्थ्य के लिए अन्डा रहता है और यह आसानी से उपलब्ध भी हो जाता हैं।

प्वाज में स्टोन नाशक तत्व होते हैं इसका प्रयोगकर किडनी स्टोन से निजात पा सकते है। लगभग 70 ग्राम प्वाज को पीसकर और उसका रस निकालकर पिए। सुबह खाली पेट प्याज के रस का नियमित सेवन करने से पथरी के छोटे-छोटे टुकड़ों में होकर निकल जाती है।

किडनी स्टोन को बाहर निकालने के लिए क्थुए का साग बहुत ही कारगर माना जाता है। इसके लिए आधा किलो बथुए के साग को उबालकर छान लें। अब इसे पानी में जरा सी काली मिर्च, जीरा और हल्का सा सेंधा नमक मिलाकर दिन में चार बार पिए, किडनी स्टोन में फायदा होगा।

अजवाइन किलनी के लिए टॉनिक के रूप में कामकरता है। किडनी में स्टोन के गनन को रोकने के लिए अजवाइन का इस्तेमाल मसाले के रूप में या चाय में नियमित रूप से किया जा सकता है |

तुलसी की चाय पिने से किडनी स्टोन से निजात में मदद मिलती है | कम से कम एक महिना तुलसी के पत्तो के रस के साथ शहद लेने से किडनी स्टोन कि समस्या से छुटकारा मिल सकता है | तुलसी के कुछ ताजे पत्ते रोजाना चबा भी सकते है, यह बहुत हि फायदेमंद है |

टिप्पणी पोस्ट करें

0 टिप्पणियां