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amla khane ke fayde | आवला खाने के फ़ायदे

amla khane ke fayde

त्रिफला की 3 औषधियों में से आँवला एक है। आयुर्वेद ने इसे अमृतफल कहा है। आँवले में विद्यमान विटामिन सी किसी भी सूरत में नष्ट नहीं होता।


एक ताजा या सूखा आँवला दाल या शाक बनते समय शुरू से ही डाल दीजिए तो यह दाल-शाक बनने के दौरान पक जाएगा। नेत्र ज्योति बढ़ना, बाल मजबूत होना, सिर दर्द दूर होना, चक्कर, नकसीर, दाँत-मसूड़ों की खराबी दूर होना, कब्ज, रक्त विकार, चर्म रोग, पाचन शक्ति में खराबी, रक्ताल्पता, बल-वीर्य में कमी, बेवक्त बुढ़ापे के लक्षण प्रकट होना, फेफड़ों की खराबी, श्वास रोग, क्षय, दौर्बल्य, पेट मि, यत की कमजोरी व खराबी, स्वप्नदोष, धातु विकार, हृदय विकार, उदर विकार, मूत्र विकार आदि अनेक व्याधियों के को दूर करने के लिए अकेला आँवला ही काफी है।


अधकूटे त्रिफला चूर्ण को रात में पानी में भिंगोकर रख दें। प्रातः इस पानी को छानकर आंखों पर छिड़कने से आंखों को रोशनी बढ़ती है। आंवले के रस में पीपल का चूर्ण डालकर शहद में मिलाकर खाने से उलटी आनी बंद हो जाती है। आंवला, हर्र, बहेड़ा, नीम की अंतरत्वचा, मामेजक और जामुन की गुठली को समभाग में लेकर, चूर्ण बनाकर, सुबह-शाम लेने से मधुमेह रोग ठीक हो जाता है।


आंवले के चूर्ण को आंवले के रस में इक्कीस बार भिगोएं और सुखाएं। इसके सेवन से सिर के बाल काले हो जाते हैं और शरीर की कांति के साथ बल की वृध्दि होती है।


आंवले का प्रयोग जनेन्द्रिय संबंधी विकारों को दूरकरने में महत्वपूर्ण कार्यकरता है आंवले के उचित प्रयोग से स्त्री और पुरुष का असमय आया हुआ बुढ़ापा दूर हो जाता है।


आंवले के सेवन से नेत्र ज्योति बढ़ती है। आंवला और असगंध को समभाग लेकर, बारीक चूर्ण बनाकर गाय के दूध के साथ लेने से बल, कांति और वीर्य की वृध्दि होती है।


आंवलों के स्वरस में हल्दी का चूर्ण मिलाकर शहद में चाटने से सभी तरह के प्रमेह रोग दूर हो जाते हैं। आंवले का चूर्ण चीनी के साथ खाने से स्त्रियों के प्रदर रोग और बहुमूत्र रोग मिट जाते हैं। आंवले के दो तोला रस में एक पका केला मसलकर, आधा तोला चीनी डालकर खाने से स्त्रियों के बहुमूत्र रोग मिट जाते हैं।


आंवले का रस शहद के साथ सेवनकरने से स्त्रियों का योनिदाह शांत हो जाता है। आंवले के चूर्ण को गाय के दूध में मिलाकर रात को सोते समय सिर पर मस्तिष्क के हिस्से में बांधने से बाल बढ़ जाते हैं, मस्तिष्क की गर्मी कम होती है और बार-बार नाक में से होनेवाला खून का गिरना बंद हो जाता है।


इसके रस में भी घी मिलाकर चाटने से मूर्छा आना बंद हो जाता है। इसके पेड़ के मूल को पानी में घिसकर बिच्छू के डंक पर लगाने से जलन दूर हो जाती है। सूजन में जलन हो तो आंवले के पेड़ के मूल को पानी में घिसकर लगाने से लाभ होता है। आंवले और हल्दी एक-एक तोला लेकर, कूटकर इसका क्वाथ बनाकर पीने से गुदामार्ग में मूत्रमार्ग का दाह शांतकरता है और पेशाब साफ लाता है।


आंवले को जलाकर, तिल के तेल में मिलाकर लगाने से खुजली में लाभ मिलता है। आंवला, दारुहल्दी, गिलोय और मुलेठी समभाग लेकर उसका क्वाथ बनाकर, सुबह-शाम दो बार पीने से, अत्यंत पतला कफ निकलता हो, नाक से भारी मात्रा में कफस्राव होता हो, प्रमेह या प्रदररोग के कारण कुस्राव होता हो तो यह दूरकर देता है। कफस्राव में यह क्वाथ लाभदायक होता है। हर्र, बहेड़ा और सूखा आंवला, इन तीनों के फलों की गुठलियां निकालकर, समभाग लेकर बारीक पीसकर, कपड़े से छान लें। इसे त्रिफला चूर्ण कहते हैं और इस चूर्ण का सेवन कफ और पित्त को मिटा देता है, कब्ज, कोढ़ और प्रमेह रोग को भी यह ठीककर देता है।


आंवले में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स अच्छी मात्रा में होते हैं, जो बालों के प्रातिक रंग को बरकरार रखते हैं। यानी यह बालों को सफेद होने से भी बचाता है।


आंवला विटामिन सी और पॉलीफेनॉल्स से भरपूर होता है। इससे एंटी ऑक्सीडेंट्स भी होते हैं, जिसके चलते सेल्स जल्दी डैमेज नहीं होते और शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत भी मिलती है। रिसर्च की मानें तो आंवला शरीर में फ्री रेडिकल्स का इफेक्ट भी कमकरता है। दरअसल, शरीर में फ्री रेडिकल्स के चलते ही बढ़ती उम्र के साथ बीमारियां लगने लगती हैं, हार्ट अटैक और कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।


आंवले का जूस अदरक के साथ लेने से गले के दर्द और कफ में आराम मिलता है। आंवला में पाए जानेवाला फाइबर, पॉलीफेनॉल और वाटर कंटेंट पेट की गैस भगाने में लाभदायक होता है। खाली पेट एक चम्मच आंवले का जूस पीने से एसिडिटी दूर होती है और पेट साफ भी होता है।


आंवला में पाए जानेवाले आयरन से पुरुषों में स्पर्म बढ़ते हैं। आयुर्वेद में कहा गया है कि दिन में एक बार आंवले का जूस पीने से रति इच्छा बढ़ती है। नकसीर (नाक से खून) में भी आंवला फायदा कता है। इसके लिए सूखा आंवला रात में भिगोकर उस पानी से सिर धो लें। आंवले का मुरब्बा खाएं।


आंवले का रस नाक में टपकाएं। आंवला में विटामिन ए होता है, जो कोलेजन बनने के लिए बहुत जरूरी विटामिन होता है। इससे त्वचा यंग और टाइट रहती है। आंवला सुबह खाली पेट लेने से शरीर में कोलेजन की कमी दूर होती है। इसके सेवन से मुहांसे और झुर्रियों की समस्या भी कम हो जाती है।


आंवला केमिकल्स या एल्कोहल से होनेवाली डैमेज से लीवर को बचाता है। आंवला में ऐसे गुण भी हैं, जो कैंसर से शरीर को प्रोटेक्टकरते हैं। वहीं, यह कैंसर बनानेवाले सेल्स की ग्रोथ को नियंत्रणकरता है। इसके अलावा आंवला कैंसर ट्रीटमेंट के दौरान होनेवाले खतरनाक रेडिएशन इफेक्ट और कीमोथेरेपी के प्रभाव को भी कमकरता है।


आंवला शरीर में कोलेस्ट्रॉल स्तर कम करता है और दिल संबंधी बीमारियों से बचाता है। यह फाइबर और आइरन से भरपूर होता है। इसके चलते शरीर में फ्री रेडिकल्स कम निकलते हैं।


इससे कोरोनरी आर्टरी डिजीज होने का भी खतरा कम होता है। साथ ही, आंवला आर्टरीज को पतला और हार्ड होने से बचाता है।




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