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dhaniya khane ke fayde | धनिया खाने के फ़ायदे

dhaniya khane ke fayde

हरे ताजे धनिया की पत्तियां लगभग 20 ग्राम और उसमें चुटकी भर कपूर मिलाकर पीस लें और रस छान लें। इस रस की दो बूंदें नाक के छिद्रों में दोनों तरफ टपकाने से तथा रस को माथे पर लगाकर हल्का-हल्का मलने से नाक से निकलनेवाला खून जिसे नकसीर भी कहा जाता है, तुरंत बंद हो जाता है।

 

थोड़ा सा सूखा धनिया कूटकर पानी में उबालकर ठंडाकरके मोटे कपड़े से छानकर शीशी में भर लें। इसकी दो बूंदें आंखों में टपकाने से जलन, दर्द तथा पानी गिरना जैसी समस्याएं दूर हो जाती हैं।

 

धनिया महिलाओं में मसिक धर्म संबंधी समस्याओं को दूरकरता है। यदि मासिक धर्म साधारण से ज्यादा हो तो आधा लीटर पानी में लगभग 6 ग्राम धनिए के बीज डालकर उबालें और इसमें शक्कर डालकर पी लें, फायदा होगा।

 

धनिए को मधुमेहनाशी भी माना गया है। इसके सेवन से खून में इंसुलिन की मात्रा नियंत्रित रहती है। धनिया त्वचा के लिए भी फायदेमंद है। धनिए की पत्तियों के रस (20 मिली) में आधा चम्मच हल्दी का चूर्ण मिलाकर चेहरे पर लगाएं।

 

इससे मुहांसों की समस्या दूर होती है और यह ब्लैकहेड्स को भी हटाता है।

 

सौंफ, मिश्री व धनिया के बीजों की समान मात्रा लेकर चूर्ण बनाकर 6-6 ग्राम प्रतिदिन भोजन के बाद खाने से हाथ-पैर की जलन, एसिडिटी, आंखों की जलन, पेशाब में जलन व सिरदर्द दूर होता है।

 

हरा धनिया डाइजेस्टिव सिस्टम को ठीककरता है। इसकी हरी पत्तियां पित्तनाशक होती हैं। पित्त या कफ की शिकायत होने पर दो चम्मच धनिए की हरी-पत्तियों का रस सेवन करना चाहिए।

 

धनिए की पत्तियां सूजन कम करने में बहुत मददगार हैं। इसके सेवन से जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है।

 

आयरन । भरपूर होने के कारण यह एनीमिया को दूरकरने में मददगार होता है। एंटी ऑक्सीडेंट, विटामिन ए, सी और कई मिनरल से भरपूर धनिया कैसर से बचावकरता है।

 

धनिए की चटनी खाने से नींद अच्छी आती है। डायबिटीज से ग्रसित व्यक्ति के लिए तो यह वरदान है। यह इंसुलिन बढ़ाता है और रक्त का ग्लूकोज स्तर कम करने में मददकरता है।

 

शरीर पर होनेवाली फुसी से निजात पाने के लिए ताजा धनिए के रस को शहद के साथ मिला लें। इस पेस्ट को त्वचा के प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं करीब 15 मिनट तक इस पेस्ट को लगे रहने दें और फिर ठंडे पानी से इसे धो लें।

 

हरे धनिए और परवल के फलों की समान मात्रा (20 ग्राम प्रत्येक) लेकर कुचलकर एक-चौथाई लीटर पानी में रात भर के लिए भिगोकर रख दें। सुबह इसे छानकर तीन हिस्से कर प्रत्येक हिस्से में थोडा सा शहद डालकर दिन में तीन बार पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।

 

सौंफ, मिनी व धनिए के बीजों की समान मात्रा लेकर चूर्ण बनाकर 6-6 ग्राम प्रतिदिन भोजन के बाद खाने से हाथ-पैर की जलन, एसिडिटी, आंखों की जलन, पेशाब में जलन व सिरदर्द दूर होता है। हाथ-पांव में जलन की शिकायत होने पर सौंफ के साथ बराबर मात्रा में धनिए के बीजों और मिश्री को कूटकर खाना खाने के पश्चात 5-6 ग्राम लेने से कुछ ही दिनों में आराम मिल जाता है।

 

कच्ची ग्वार की फलियों को पीसकर इसमें टमाटर और धनिए की हरी पत्तियों को डालकर चटनी तैयारकर प्रतिदिन खाने से आंखों की रोशनी बेहतर होती है। इसे लगातार लेने से कई बार चश्मा भी उतर जाता है।

 

धनिया की पत्तियों के कुचलकर इसकी 1 चम्मच मात्रा लेकर चुटकी भर हल्दी का चूर्ण मिलाकर चेहरे पर दिन में कम से कम 2 बार लगाएं। इससे मुंहासों की समस्या दूर होती है और यह ब्लैकहेड्स को भी हटाता है।


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