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lahsun ke fayde | लहसुन के फ़ायदे

lahsun ke fayde

लहसुन के नियमित सेवन से कैंसर होने का खतरा बहुत कम रहता है। जिनके शरीर में रक्त की कमी है, उन्हें लहसुन का सेवन अवश्य करना चाहिए, इसमें पर्याप्त मात्रा में लौह तत्त्व होते हैं जोकि रक्त निर्माण में सहायक होते हैं।


लहसुन में विटामिन सी होने से यह स्कर्वी रोग से भी बचाता है।

 

लहसुन के नियमित सेवन से सांस की समस्या में आराम मिलता है, इससे सर्दी-जुकाम में राहत मिलती है।

 

लहसुन के सेवन से वजन को घटाया जा सकता है, क्योंकि इसमें हमारे शरीर में बननेवाली वसा कोशिकाओं को विनियमितकरने की क्षमता है, जिससे वजन आसानी से घट जाता है।

 

लहसुन इम्यून पॉवर बढ़ाता है। अगर मौसमी सर्दी या खांसी हो जाए तो लहसुन की चाय बनाकर लेने से राहत मिलती है।

 

गर्भवती महिलाओं को लहसुन का सेवन नियमित तौर पर करना चाहिए। गर्भवती महिला को अगर उच्च रक्तचाप की शिकायत हो तो, उसे पूरी गर्भावस्था के दौरान किसी न किसी रूप में लहसुन का सेवन करना चाहिए।

 

बढ़े कोलेस्ट्रॉल में लहसुन फायदेमंद होता है। यह खून को पतलाकरने में सहायक होता है और शरीर में खून के थक्के बनने से रोकता है। इससे चोट लगने के बाद खून बहने का डर भी नहीं रहता है।

 

प्रतिदिन लहसुन की एक कली के सेवन से शरीर को विटामिन ए, बी और सी के साथ आयोडीन, आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे कई पोषक तत्त्व एक साथ मिल जाते हैं।

 

लहसुन में एंटी बैक्टिरियल तत्त्व पाए जाते हैं इसीलिए पिंपल्स की समस्या हो तो इसका सेवन सेहत पर बेहतर असर दिखाता है। पिंपल पर लहसुन की स्लाइस लेकर हल्के से रगड़ने पर पिंपल बहुत जल्दी बैठ जाता है।

 

लहसुन की 5 कलियों को थोड़ा पानी डालकर पीस लें और इस पेस्ट में 10 ग्राम शहद मिलाकर सुबह-शाम सेवनकरें। इस उपाय कोकरने से सफेद बाल काले हो जाते हैं।

 

लहसुन का सेवन बच्चों के लिए भी फायदेमंद होता है। यह मौसमी बीमारियों में तो फायदेमंद होता ही है।

 

लहसुन के नियमित सेवन से त्वचा इंफेक्शन भी समाप्त हो जाते हैं, जैसे रिंगवॉर्म या एथलीट फुट आदि।

 

लहसुन दिल को मौसम के रेडीकल्स प्रभाव से बचाता है ताकि हार्ट को कोई नुकसान न पहुंचे। इसके सल्फरयुक्त यौगिक रक्तवाहिकाओं को अवरुद्ध होने से बचाते हैं। जिसकी वजह से एऐरोस्लेरोसिस की दिक्कत खत्म हो जाती है। लहसुन की एंटी-क्लॉटिंग प्रॉपर्टी, रक्तवाहिकाओं में खून के थक्के जमने से रोकती है।

 

सरसों के तेल में लहसुन की कलियां उबाल लें। इस तेल को कान में डालने से कान दर्द की समस्या खत्म हो जाती है।

 

लहसुन में एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टी होती हैं जिनकी मदद से एलर्जी को दूर भगाया जा सकता है। इसमें एलर्जी से लड़नेवाले कई तत्त्व होते हैं। लहसुन के जूस से चकत्ते पड़ने की समस्या भी दूर हो जाती है।

 

लहसुन का तेल हथेली व पैरों के तलवों पर लगाने से मच्छर पास नहीं आते व त्वचा सॉफ्ट हो जाती है।

 

लहसुन को दूध में उबालकर पिलाने से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। लहसुन की कलियों को आग में भूनकर खिलाने से सांस चलने की तकलीफ पर काफी काबू पाया जा सकता है। जिन बच्चों को सर्दी ज्यादा होती है उन्हें लहसुन की कली की माला बनाकर पहनाना चाहिए।

 

लहसुन के सेवन से हमेशा कामोत्तेजना बनी रहती है, क्योंकि यह शरीर में परिसंचरण को बढ़ाता है।

 

नियमित लहसुन खाने से रक्तप्रेशर नियमित रहता है। एसिडिटी और गैस्टिक ट्रबल में भी इसका प्रयोग फायदेमंद होता है। दिल की बीमारियों के साथ यह तनाव को भी नियंत्रितकरता है।

 

लहसुन आयरन मेटाबोलिज्म में सुधारकर देता है।




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