manuka khane ke fayde | मनुका खाने के फ़ायदे

manuka khane ke fayde

सिर में दर्द हो रहा हो तो 8-10 नग मुनक्का, 10 ग्राम मिश्री और इतनी ही मात्रा में मुलेठी एवं थोड़ी मात्रा में शुद्ध जल रात भर खुले आसमान के नीचे छोड़ दें और सुबह मिलाकर पीस लें। नाक में दो बूंद टपका दें। सिरदर्द में लाभ मिलेगा।

 

पांच से दस ग्राम मुनक्का नियमित रूप से खाई जाए तो मुंह की दुर्गंध में लाभ मिलता है।

 

आठ से दस नग मुनक्का और हरीतकी का काढ़ा लगभग 20 मिलीलिटर की मात्रा में शहद के साथ मिलाकर खाने से दमा रोग में भी लाभ मिलता है। _ घी, मुनक्का, खजूर, पिप्पली एवं काली मिर्च, इन सबको बराबर मात्रा में बीमारियों में लाभ मिलता है।

 

मुनक्का एवं हरड़ बराबर मात्रा में लेकर उतनी ही मात्रा में शक्कर मिला लें। अब सबको पीसकर एक-एक ग्राम की गोली बना लें। एक गोली सुबह-शाम ठंडे पानी से लें और हाइपर एसिडीटी की समस्या से निजात पाएं।

 

कब्ज से हैं परेशान तो मुनक्का 6 से सात नग, भुना जीरा 5 से 10 ग्राम और सेंधा नमक 1.5 ग्राम (उच्च रक्तचाप के रोगी के लिए मात्रा चिकित्सक अनुसार ) इन सबका चूर्ण बनाकर गुनगुने पानी से लें।

 

पेशाब खुलकर नहीं आ रहा हो तो आठ से दस मुनक्का दस ग्राम मिश्री के साथ पीसकर दही के पानी से लेने पर यह एक अच्छा डाययूरेटिक का कामकरता है।

 

माइग्रेन के दर्द को ठीककरने में अंगूर का जूस काफी सहायक होता है। माइग्रेन की समस्या हो तो रोज अंगूर खाएं, इससे दर्द में बहुत आराम मिलता है। एनीमिया से बचे रहने के लिए अंगूर से बढकर कोई दवा नहीं है। अंगूर एनीमिया को जड़ से खत्मकरने का कामकरता है।

 

जी मचलाना या उल्टी जैसा महसूस होने पर अंगूर में थोडा-सा नमक और काली मिर्च डालकर खाएं। उल्टी और जी मिचलाने में तुरंत ही लाभ होगा। पेट की गर्मी खत्मकरने के लिए अंगूर काफी फायदेमंद है। 5-20 दाने अंगूर रात को पानी में भिगों दे और सुबह भीगे हुए अंगूर को मसलकर मैशकर लें। फिर इसमें आधा चम्मच चीनी मिलाकर खाएं।

 

ब्रेस्ट कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी को रोकने के लिए अंगूर का सेवन जरूरकरें।

 

अंगूर दिमाग के लिए काफी फायदेमंद होता है। अंगूर खाने से दिमाग तरोताजा हो जाता है और याददाश्त मजबूत होती है।

 

अंगूर के रस के गरारेकरने से मुंह के घावों एवं छालों में बहुत आराम मिलता है।

 

अंगूर में विटामिन भरपूर मात्रा में पाया जाता है इसलिए अंगूर खाने से भूख बढ़ जाती है। यह पाचन शक्ति ठीक रखता है।

 

अंगूर त्वचा के लिए भी फायदेमंद है। अंगूर खाने से फोड़े-फुसी और मुहांसे कम होते हैं और त्वचा बहुत ही चमकीली और झुर्रियों रहित रहती है।

 

गठिया रोग में अंगूर का सेवन लाभदायक होता है, क्योंकि यह शरीर में से उन तत्त्वों को बाहर निकालता है, जिसके कारण गठिया रोग होता है।

 

खूनी बवासीर के रोगी अंगूर के गुच्छों को एक बर्तन (मिट्टी का हो) में बंदकर जलाकर उसकी राख बना लें। उस राख को तीन से पांच ग्राम की मात्रा में मिश्री एवं घी के साथ लेने से खून आना बंद हो जाता है।




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